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Wednesday, July 29, 2020

आधुनिक गुरूकुल

सरकार ने नवीन शिक्षा प्रणाली को वर्षों बाद भारत में लागू कर हि दिया । वास्तव में वर्तमान शिक्षा पद्धति लार्ड मेकाले द्वारा भारत को दान दी गई थी, जिसे भारत के कामचोर चापलूसों से कभी बदलने की कोशिश ही नहीं करी, और शिक्षा का व्यवसायीकरण होता चला गया, भारत की संतान विदेशी शिक्षा की गुलाम बनती चली गई । शिक्षा का असली उद्देश्य ये होना चाहिए था कि अपनी संस्कृति अनुरूप वय्कित निर्माण कर देश निर्माण किया जावे, परंतु वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली, व्यक्ति,देश निर्माण के स्थान पर एक रोबोट निर्माण, स्वार्थ परक ही थी । जिस देश के बालक देश निर्माण के स्थान पर मात्र गुलाम बनकर ही जी सकते थे । सरकार द्वारा किया गया प्रयास उस दिशा की ओर कदम बढा सकता है जहां हमें हमारी संस्कृति की मूल भावनाओं के पौधे को जीवन में रोप दिया जावे, ताकि आगे चलकर ये देश निर्माण का पेड़ बनकर समाज को छाया प्रदान कर सके । गुरूकुल ही भारतीय शिक्षा पद्धति का आधार था, और नवीन शिक्षा पद्धति शायद आधुनिक गुरूकुल का निर्माण कर सके, और भारतीय संस्कृति अनुरूप आने वाले भविष्य की नींव रख सके । शायद ये शिक्षा के व्यवसायीकरण पर लगाम लगा सके ।

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