राजनैतिक जागृति
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Wednesday, August 5, 2020
राम राज्य
भारत के प्राण वायु का लगभग 500 वर्षों की घोर कठिनाइयों से सामना करते हुए पुनः संचार हो ही गया । विधाता का चमत्कार देखिये दो सन्यासीयों को इस कार्य का निमित्त बनाया । मोदी और योगी । पूरा संसार भले ही इन्हें राजनैता कहे परंतु ये दैविक योग ही है कि राम राज्य के सपने को साकार करने का मार्ग इन्हें ही प्रशस्त करने का मौका मिला । हालांकी इस प्राण वायु को जीवंत करने में लाखों हिंदुओं को अपने प्राणों की आहूति प्रदान करनी पढी, परंतु भारत की बलिदानी परंपरा के आगे ये आहूति इतिहास बना ही देती है । वास्तव मे ये हिंदुत्वत की उस परंपरा का अभिन्न अंग है जो वसुध़ैव कुटुमबकम के सिद्धांत पर आधारित है । इस मंदिर निर्माण में देश के उस मुस्लिम वर्ग का भी बहुत बडा योगदान मानता हूं जिन्होने प्रभु श्री राम के लिए बहुत कुछ त्याग किया, अयोध्या में प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण की जो राह मिली वो अवश्य ही कौमि एकता को मजबूत करेगी, भले ही कुछ राजनैतिक लोग इसके विरोध में अपनी रोटियां सेकने का प्रयास करे, परंतु आम भारतीय मुस्लिम भी इस कार्य से आत्मिक संतोष मे है, वो विवाद नही चाहता परंतु कुटिल लोग जानबूझकर आग लगाने की कुचेष्टा करते थे, कर रहे हैं, और करते रहेगे । मैं जहांं तक महसूस कर रहा हूँ, इस पावन कार्य से राम राज्य की शिला, आधार पुनः जीवित होगा, और भारत की संस्कृति को मजबूती प्राप्त होगी, जिससे विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा ।
Monday, August 3, 2020
माया जाल या अंतिम संस्कार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अपना माया जाल कितना ही फैला लेंवे, परंतु सत्ता संग्राम को रोक नहीं पायेंगे । पूरे कांग्रेस में हा -हा -कार मचा है, परंतु बिल्ली की तरह कान नीचे कर शीर्ष नेतृत्व बैठा है, और शीर्ष नेतृत्व की अकर्मण्यता का ही परिणाम संघर्ष को गती प्रदान कर रहा है । गहलोत जी कितनी भी ताकत लगा ले परंतु अब इस संघर्ष को रोक नही सकते । जनता की नजरों में भी राजस्थान कांग्रेस सरकार की छवि धूमिल हो चुकि है, नौकरशाही हावी दिख रही है। लोकतंत्र तब ही मजबूत रह सकता है जब शक्तियों का विकेंद्रीकरण सही हो, आज सत्ता होटल में आराम कर, सत्ता में रहने का संघर्ष कर रही है, और इस फूट का मजा वो नौकरशाह लूट रहे हैं जो सत्ता के दबाव में रहकर कार्य कर सकते थे । खैर इस संघर्ष का सबसे बुरा प्रभाव जनता पर ही हो रहा है, जनता खुद को ठगी महसूस कर रही है, जिसे विधायक बनाया आज वो जनसेवा के बजाय कुर्सी बचाने की होड में कठपूतली बने बैठे हैं। कहां है सरकार जनता पूछ रही है, और जवाब आ रहा है सरकार अपने आप को बचाने की तैयारी कर रही है । जो सरकार खुद को बचा नहीं सकती वो जनता का क्या भला करेगी । ये 2020 राजस्थान की जनता का सबसे बुरा सपना है, जो सरकार की हकीकत बताते हुए जनता को रूला रहा है ।
Friday, July 31, 2020
सुंशात राजपूत हत्या या आत्महत्या?
आज भारत की मिडिया एक फिल्म स्टार की मौत पर जोर शोर से चिल्ला कर उसकी मौत के राज को खोलने पर उतारू हो चुकी है, दो दिन पहले ये ही मिडिया पूरे बॉलीवुड को इसका दोषी मान रही थी और आज ही मौत की जिम्मेदारी रिया पर डालकर बॉलीवुड को क्लीन चीट देने लगी । मिडिया अपने टी आ पी के लिए कुछ भी कर सकती है ये ही तो दुर्भाग्य है इस देश का। किसी भी कारण से सुशांत सिंह की मौत हुई हो, पर मिडिया की टी आ पी को जो सूट करता है खबरें वही चलनी होती है,। मैं मिडिया को इस बात के लिए कटघरे में खडा करना चाहूंगा कि कैसे दो दिन में ये अपना गोल पोस्ट चेंज कर देती है? आज मिडिया को जरूरत है देश की समस्याओं को उजागर करने की, सरकारी नितियों की आलोचना करने की, बाढ, कॉरोना जैसी आपदाओं पर सरकारी तंत्र की कमियां गिनाने की, परंतु जनता को इसमें रूचि नही होगी तो टी आ पी कैसे बढेगी? सुंशांत सिंह तो चला गया पर मिडिया रोज उसका पोस्ट मार्टम कर रहा है, क्या आज इसका कोई औचित्य है?
Thursday, July 30, 2020
रा-फेल
बहुत देर कर दी जनाब आते आते, अँखियाँ तरस गई, आते आते । एक लड़ाकू विमान जो भारत की सुरक्षा का पर्याय बन चुका है राजनैतिक दावं पेंच में उलझकर आखिर भारत पहुंच ही गया । धन्यवाद देना होगा मोदी जी को जिन्होंने कुटिल चालों की परवाह किये बगैर सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानकर राफेल को भारत में उतारा। आखिर क्या समस्या थी राहुल गांधी को इस जहाज से? इस विमान के भारत आगमन पर राहुल गांधी के मुँह से एक खुशी का शब्द तक नही निकल सका। इस देश की जनता बहुत समझदार है, वो जान चुकि है कि कांग्रेस का युवराज और उसका परिवार किन हाथों की कठपुतली बन चुका है । परंतु ये कठपुतली किस दबाव में है इसकी परकाष्ठा चरम तक पहुंच चुकि है क्यों कि देश की सेना को जो खुशी प्राप्त हुई उसमें गांधी परिवार भागीदार नही बन सका । आखिर चाईना से 2008 मे कांग्रेस की खुलेआम संधि जो हुई है । गांधी परिवार के चाईना संधि से आज संदेह के बादल इस परिवार पर और ज्यादा घनघोर हो चुके हैं, शायद इस परिवार का राजवंश आखरी सांसे गिन रहा है । राफेल पर राहुल फेल ही हुए हैं ।
Wednesday, July 29, 2020
आधुनिक गुरूकुल
सरकार ने नवीन शिक्षा प्रणाली को वर्षों बाद भारत में लागू कर हि दिया । वास्तव में वर्तमान शिक्षा पद्धति लार्ड मेकाले द्वारा भारत को दान दी गई थी, जिसे भारत के कामचोर चापलूसों से कभी बदलने की कोशिश ही नहीं करी, और शिक्षा का व्यवसायीकरण होता चला गया, भारत की संतान विदेशी शिक्षा की गुलाम बनती चली गई । शिक्षा का असली उद्देश्य ये होना चाहिए था कि अपनी संस्कृति अनुरूप वय्कित निर्माण कर देश निर्माण किया जावे, परंतु वर्तमान भारतीय शिक्षा प्रणाली, व्यक्ति,देश निर्माण के स्थान पर एक रोबोट निर्माण, स्वार्थ परक ही थी । जिस देश के बालक देश निर्माण के स्थान पर मात्र गुलाम बनकर ही जी सकते थे । सरकार द्वारा किया गया प्रयास उस दिशा की ओर कदम बढा सकता है जहां हमें हमारी संस्कृति की मूल भावनाओं के पौधे को जीवन में रोप दिया जावे, ताकि आगे चलकर ये देश निर्माण का पेड़ बनकर समाज को छाया प्रदान कर सके । गुरूकुल ही भारतीय शिक्षा पद्धति का आधार था, और नवीन शिक्षा पद्धति शायद आधुनिक गुरूकुल का निर्माण कर सके, और भारतीय संस्कृति अनुरूप आने वाले भविष्य की नींव रख सके । शायद ये शिक्षा के व्यवसायीकरण पर लगाम लगा सके ।
Tuesday, July 28, 2020
बाढा बंदी या लोकतंत्र की हत्या
क्या लोकतंत्र की नींव रखने वालों ने "बहुमत" के सिद्धांत को इस आशय से स्थापित किया था कि ये बहुमत मात्र सरकार गिराने या बचाने के लिए होगा? नहीं संविधान निर्माताओं ने बहुमत का सिद्धांत सिर्फ इसलिए स्थापित किया था कि बहुमत की जन आवाज सुनकर ही कार्य किया जाये, ताकि जनबाहुल्य का विकास हो सके।हमारे नेताओं ने इस बहुमत के सिद्धांत की धज्जियां उड़ा कर रख दी, इस सिद्धांत का प्रयोग वो अपनी कुर्सी बचाने और गिराने के खेल में लग गए। फिर भी हम जनता एसे राजनैतिक दलो और नेताओं को अपना आदर्श मानकर इनके जयकारे लगाते हैं । जब तक जनता एसे दलों को जो संविधान को अपने बाप की जागीर मानकर धज्जियां उडाने वालों को अपना आदर्श समझेगी तब तक हम यूं ही इनके नाटक देखते रहेगे और शोषण का शिकार होते रहेगे । अब ये जनता को तय करना है!
Sunday, July 26, 2020
पानी पर पैसा
किशनगढ जलदाय विभाग, पानी के बिल वितरण ठेकेदार के साथ मिलकर घोटाला कर रहा है | ठेकेदार को टेंडर की शर्तों अनुसार काम नही करने पर भी भुगतान किया जा रहा है, जनता के पैसे लूटे जा रहे है, जनता पानी के नाम पर आंख बंद कर पैसे लूटा रही है, जो सरकार की नाकामयाबी ही तो है |
सरकार होटल में मिनरल वाटर से नहा रही है और जनता उनके ठेकेदारों की जेब भर रही है, जब पैसे लूटना ही है तो सरकारी आदेश निकालकर वाह—वाही लूटने का सरकार नाटक क्यों करती है। खैर राजस्थान में सरकार नाम की वस्तु तो होटल में बैठकर मुगले आजम फिल्म का मजा ले रही है।
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भारत के प्राण वायु का लगभग 500 वर्षों की घोर कठिनाइयों से सामना करते हुए पुनः संचार हो ही गया । विधाता का चमत्कार देखिये दो सन्यासीयों को इस...
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बहुत देर कर दी जनाब आते आते, अँखियाँ तरस गई, आते आते । एक लड़ाकू विमान जो भारत की सुरक्षा का पर्याय बन चुका है राजनैतिक दावं पेंच में उलझकर ...
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अपना माया जाल कितना ही फैला लेंवे, परंतु सत्ता संग्राम को रोक नहीं पायेंगे । पूरे कांग्रेस में हा -हा -कार मचा है, प...
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सरकार ने नवीन शिक्षा प्रणाली को वर्षों बाद भारत में लागू कर हि दिया । वास्तव में वर्तमान शिक्षा पद्धति लार्ड मेकाले द्वारा भारत को दान दी गई...