किशनगढ जलदाय विभाग, पानी के बिल वितरण ठेकेदार के साथ मिलकर घोटाला कर रहा है | ठेकेदार को टेंडर की शर्तों अनुसार काम नही करने पर भी भुगतान किया जा रहा है, जनता के पैसे लूटे जा रहे है, जनता पानी के नाम पर आंख बंद कर पैसे लूटा रही है, जो सरकार की नाकामयाबी ही तो है |
सरकार होटल में मिनरल वाटर से नहा रही है और जनता उनके ठेकेदारों की जेब भर रही है, जब पैसे लूटना ही है तो सरकारी आदेश निकालकर वाह—वाही लूटने का सरकार नाटक क्यों करती है। खैर राजस्थान में सरकार नाम की वस्तु तो होटल में बैठकर मुगले आजम फिल्म का मजा ले रही है।